जैसे ही डीजीपी मकवाना ने सुप्रसिद्ध सिंगर प्रतिभा सिंह बघेल के साथ गाना शुरू किया, पूरा परिसर तालियों की गड़गडा़हट से गूंज उठा
भोपाल l भारतीय पुलिस सेवा संघ की दो दिवसीय आईपीएस सर्विस मीट का शनिवार देर रात रंगारंग संगीत कार्यक्रम और फैमिली फैशन शो के साथ समापन हो गया। इस मौके पर प्रमुख सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक वीएन अंबडे के साथ-साथ पुलिस विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेशभर के आईपीएस मौजूद रहे। उससे पहले प्रदेश भर से अपने परिवार के साथ पहुंचे आइपीएस अफसरों ने अलग-अलग गतिविधियों में शामिल होकर जमकर धमाल मचाया।मीट के दूसरे दिन सुबह से ही सभी आईपीएस अधिकारी फैमली के साथ रिसोर्ट पहुंचे, जहां आईपीएस प्रतिभागियों को ब्लू, रेड, ग्रीन एवं येलो टीम में रेंडम तरीके से बांटकर खेलकूद के साथ अन्य मनोरंजक स्पर्धाएं आयोजित की गई। पूरा दिन इंटरटेनमेंट, गेम्स और मनोरंजन कार्यक्रमों के नाम रहा। ऑफिस और फील्ड की भाग दौड़ से रिलैक्स होकर मीट में पहुंचे आईपीएस परिवारों में इसका खासा उत्साह नजर आया। इस मौके पर प्रमुख रूप से रस्साकशी, हूला हूप, फन अंताक्षरी तथा बैलून आदि गेम्स अयोजित किए गए। वहीं अधिकारियों के बच्चों ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर खूब मौज मस्ती की। इस दौरान अधिकारियों को सीपीआर का डेमो प्रशिक्षण दिया गया। संध्या कालीन सत्र में शहर के पुलिस ऑफिसर्स मेस में पुलिस परिवार के बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई। उपरांत पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए गए। इस दौरान
अपने समूह के साथ भारत और विदेश में प्रस्तुतियाँ दे चुकी सुप्रसिद्ध गायिका प्रतिभा सिंह बघेल ने डीजीपी कैलाश मकवाना के साथ गीत गाकर समा बांध दिया।
दरअसल कार्यक्रम के दौरान प्रतिभा सिंह बघेल को पता चला कि डीजीपी कैलाश मकवाना भी अच्छा गाते हैं ,इसलिए उन्होंने मंच से ही डीजीपी मकवाना के साथ साथ युगल गीत गाने की ज़िद की, डीजीपी कैलाश मकवाना ने बिना तैयारी के ही उनके साथ... "एक में और एक तू दोनों मिले जिस जगह"...."तेरे ख्यालों में उलझा रहा".. पूरब पश्चिम हो उत्तर हो या दक्षिण"... गीत गाये। फिल्मी गीतों पर महिलाओं द्वारा थिरक कर गीतों का आनंद लिया गया। संगीत संध्या के बीच पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने भी माइक थामा और मनमोहक फिल्मी गीत गाकर समागम को यादगार बना दिया।
जैसे ही डीजीपी कैलाश मकवाना ने गाना शुरू किया पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।



