मध्यप्रदेश पुलिस : सेवा, संवेदनशीलता और सुरक्षा की जीवंत मिसाल
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में विगत चार दिनों के दौरान की गई कार्रवाइयों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज के प्रत्येक संकटग्रस्त, असहाय और संवेदनशील नागरिक के लिए एक भरोसेमंद सहारा भी है। अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान कड़ाके की ठंड में मिले नवजात शिशु की संवेदनशील देखभाल हो, मधुमक्खियों के जानलेवा हमले से एक बुजुर्ग को बचाने का साहसिक प्रयास हो, या फिर आत्महत्या जैसे हताशाजनक क्षणों में त्वरित हस्तक्षेप कर तीन अनमोल जिंदगियों को नया जीवन देना—इन सभी घटनाओं में पुलिस की तत्परता, मानवीय दृष्टिकोण, सूझबूझ और समय पर लिया गया निर्णय न केवल कई अनमोल जिंदगियों को बचाने में सफल रहा, बल्कि समाज के प्रति पुलिस की संवेदनशील प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से रेखांकित करता है।
दतिया: अवैध शराब के विरुद्ध सख्ती, किंतु मासूम के प्रति ममता
जिले में पुलिस का एक ऐसा चेहरा सामने आया जिसने सभी का दिल जीत लिया। अवैध शराब निर्माण के विरुद्ध दबिश देते समय पुलिस को कड़ाके की ठंड में एक नवजात शिशु अकेले, भूखा और रोता हुआ मिला। अपराधियों पर सख्ती बरतने वाली पुलिस ने क्षण भर में ही अभिभावक की भूमिका निभाई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल नवजात को गोद में लेकर चुप कराया, उसके लिए दूध और गर्म कपड़ों का प्रबंध किया। बाद में परिजनों को उचित समझाइश देकर शिशु को उन्हें सुरक्षित सौंपा गया।
देवास: मधुमक्खियों के हमले से बुजुर्ग को बचाया*
जिले के ग्रामीण अंचल में एक बुजुर्ग पर मधुमक्खियों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना तत्काल मौके पर पहुँचकर बुजुर्ग को रेस्क्यू किया और समय रहते अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों के अनुसार, यदि पुलिस ने तत्परता न दिखाई होती तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। इस साहसिक कार्य के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत भी किया गया है।
उज्जैन, सीधी और दमोह: हताशा के क्षणों में बनी जीवन रक्षक
प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों में पुलिस और डायल-112 की सूझबूझ ने तीन जिंदगियां बचाई हैं। उज्जैन के थाना बड़नगर पुलिस और डायल 112 की टीम ने माता-पिता से नाराज होकर चामला नदी में कूदने जा रही एक नाबालिग बालिका को समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित उसके घर पहुँचाया। सीधी जिले में घरेलू विवाद के बाद पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दे रहे युवक को कोतवाली पुलिस और डायल 112 की टीम ने समझा-बुझाकर नीचे उतारा। इसी प्रकार दमोह में एक व्यक्ति द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या के प्रयास की सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा और फंदे से उतारकर उसे बचाया।



