कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी उठापटक तेज है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि तृणमूल के कई सांसद भाजपा के संपर्क में हैं और कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं। सूत्रों की माने तो लोकसभा में तृणमूल के कुल 29 सांसदों में से करीब 20-22 सांसद भाजपा में शामिल होने की योजना बना चुके हैं। इसके अलावा पांच-छह अन्य सांसदों से भी बातचीत चल रही है।

दल बदल कानून से बचने के लिए 20 सांसदों का समर्थन जरूरी है l पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इस संभावित टूट की भनक लग चुकी है और वे पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश करने में लग गई हैं।

चर्चा है कि इनमें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले कुछ सांसद भी शामिल हैं।