भोपाल l वन राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने वर्ष 2026–27 के बजट में वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा एवं अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिए किए गए व्यापक प्रावधानों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा के प्रति आभार व्यक्त किया है। राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि यह बजट सतत वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण तथा जन-सहभागिता को सशक्त करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वन संपदा और वन्यजीवों से समृद्ध मध्यप्रदेश को विशेष लाभ होगा।

मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण को और अधिक सशक्त किया जाएगा। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों का सफल पुनर्स्थापन हुआ है। नवजात शावकों के आगमन से चीतों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है और इसी माह बोत्सवाना से 8 वयस्क चीते लाए जाने प्रस्तावित हैं। साथ ही असम से जंगली भैंसा भी मध्यप्रदेश के वनों में लाए जाने की कार्यवाही प्रगति पर है।

मंत्री श्री अहिरवार ने बताया कि बजट में कार्यकारी योजना संगठन एवं कार्यकारी वन वृतों की स्थापना के लिये 1,598 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कैम्पा के अंतर्गत 1,004 करोड़ तथा कार्य योजनाओं के क्रियान्वयन (संरक्षण समूह) के लिये 699 करोड़ की व्यवस्था की गई है। कैम्पा प्रतिपूरक वनीकरण के लिए 391 करोड़ तथा कैम्पा की अन्य मदों के लिए 210 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय उद्यान स्थापना के लिये 257 करोड़ तथा इमारती लकड़ी उत्पादन के लिए ₹194 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।

राज्यमंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश वितरण के लिए ₹168 करोड़ तथा ग्राम पुनर्वास मुआवजा के लिए ₹150 करोड़ की व्यवस्था की गई है। प्रोजेक्ट टाइगर एवं एलिफेंट (रिकरिंग) के अंतर्गत ₹139 करोड़ तथा कैम्पा वन्यजीव संरक्षण योजना के लिए ₹82 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जू एवं रेस्क्यू सेंटर की स्थापना हेतु ₹75 करोड़ तथा मुख्यालय स्थापना के लिए ₹70 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। वन पर्यटन से प्राप्त आय के सापेक्ष व्ययों के समायोजन के लिये ₹70 करोड़, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिये ₹62 करोड़, कैम्पा आवाह क्षेत्र उपचार हेतु ₹51 करोड़ तथा वन प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन के लिये ₹51 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्री अहिरवार ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वन विभाग संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और जनसहभागिता को सशक्त करते हुए मध्यप्रदेश को वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में और अधिक सुदृढ़ एवं अग्रणी बनाएगा।