सागर जिले मेंडायल-112 सेवा की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया, जहाँ रेलवे स्टेशन पर परिजनों से बिछड़ी एक मासूम बच्ची को सुरक्षित तलाश कर उसके परिवार से मिलाया गया। इस पूरी कार्यवाही ने पुलिस की मुस्तैदी और जिम्मेदारी को एक बार फिर साबित किया।

दिनांक 26 मार्च 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल से सूचना प्राप्त हुई कि एक छोटी बच्चीसागर रेलवे स्टेशनपर अकेली रह गई है, जबकि उसके परिजन ट्रेन से आगे निकल गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर में पदस्थ उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्कालएफआरव्ही-05 गोपालगंज को मौके के लिए रवाना किया।

एफआरव्ही टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर जीआरपी सागर के सहयोग से तत्काल सर्चिंग अभियान प्रारंभ किया और कुछ ही समय में रोती हुई मासूम बच्ची को सुरक्षित ढूंढ लिया। इसके पश्चात बच्ची को पुलिस कंट्रोल रूम सागर लाया गया, जहाँ से उसके परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें बुलाया गया।

पूछताछ में परिजनों ने बताया कि वे मैहर क्षेत्र के समीप गाँव से खुरई में फसल कटाई के कार्य से लौट रहे थे। यात्रा के दौरान सभी को नींद लग गई और सागर स्टेशन पर रुकने के दौरान बच्ची यह समझकर ट्रेन से उतर गई कि उसके परिजन भी उतर चुके हैं। आगे जाकर परिजनों को बच्ची के न मिलने पर घबराहट हुई, इसी बीच ट्रेन में मौजूद एक जागरूक महिला ने डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को अवगत कराया।

डायल-112 की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को सकुशल बरामद कर शीघ्र ही परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपनी बच्ची को सुरक्षित पाकर परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू थे और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया।

इस पूरे घटनाक्रम में उप निरीक्षक श्री आर.के.एस. चौहान, प्रधान आरक्षक श्री कमलेश मिश्रा एवं पायलट श्री विक्रांत सिंह की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।

डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा न केवल आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आमजन की सुरक्षा और सेवा में सदैव तत्पर रहती है।