अपने अपने क्षेत्रांतर्गत खाद वितरण प्रबंधन को और अधिक प्रभावि बनाये
नर्मदा पुरम कलेक्टर सोनिया मीना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान जिले में खाद वितरण एवं किसानों को उपार्जित मूंग के शेष भुगतान की स्थिती के संबंध में कलेक्टर द्वारा विस्तार पूर्वक समीक्षा की गई। जिले में किसानों को खाद के सुचारू वितरण के संबंध में सूचना का प्रवाह इस तरह सुनिश्चित करें कि आधार स्तर तक प्रत्येक किसान को वितरण की सटीक सूचना मिले जिससे किसी भी प्रकार की भ्रमित करने जेसी स्थिति न बने और किसान सुगमतापूर्वक खाद का उठाव समिति अथवा गोदाम से कर सके। कलेक्टर ने कहा कि आने वाले सप्ताह में जिले को खाद की रैक प्राप्त होने वाली है। जिससे जिले में डबल लॉक गोदाम एवं समितियां में खाद का भंडारण करवाया जाएगा। इसके लिए मार्कफेड, कृषि विभाग एवं समितियां किसानों को त्वरित गति से वितरण करवाए जाने की समस्त व्यवस्थाएं पूर्व नियोजित कर लें। कलेक्टर ने सहकारिता विभाग एवं डीआरसीएस को निर्देशित किया की समितियां के माध्यम से किसानों को किए जाने वाले खाद वितरण की जानकारी स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रूप से प्रसारित की जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए की अधिकारी कालाबाजारी पर गंभीरता से अंकुश लगाए। उन्होंने निर्देश दिए की उचित रणनीति बनाकर कालाबाजारी करने वालों के ऊपर ठोस कार्यवाही की जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी एसडीएम अपने क्षेत्र अंतर्गत निजी खाद विक्रेताओं के पास खाद की शेष उपलब्धता की निरंतर मॉनिटरिंग करें तथा उपलब्धता के अनुसार वितरण भी सुनिश्चित करवाए। कलेक्टर निर्देश ने दिए की निजी खाद विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे खाद विक्रय पर निरंतर नजर बनाए रखें।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए की किसान संगठनों के साथ बैठक आयोजित कर एवं अपने-अपने क्षेत्र के किसानों को सूचित कर कि खाद के अग्रिम भंडारण के लिए किसी भी प्रकार की हड़बड़ाहट ना करें। उन्होंने कहा कि सभी किसानों को खाद की आपूर्ति किए जाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है एवं निरंतर खाद की आपूर्ति की जा रही है। आगामी दिवसों में भी शीघ्र ही खाद की रैक निरंतर लगने वाली है जिससे 50 प्रतिशत समितियां एवं 50 प्रतिशत गोदाम के माध्यम से किसानों को खाद का वितरण किया जाएगा। कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए कि किसानों को खाद वितरण के लिए बांटे जाने वाले टोकन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा गड़बड़ी न हो यह सुनिश्चित किया जाए। टोकन प्राप्त करने में यदि बिचौलिए सक्रिय हो तो उन पर भी सख्ती से नियंत्रण किया जाए।
मूंग उपार्जन के किसानों को भुगतान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शेष भुगतान के लिए किया जा रही आवश्यक कार्यवाहियों में विलंब के लिए नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए की वेयरहाउस स्तर से स्वीकृति पत्रक एवं डब्ल्यूएचआर जारी किए जाने की शेष कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी विभाग द्वारा लापरवाही ना बरती जाए अन्यथा संबधित अधिकारी पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए की मूंग भुगतान से संबंधित समस्त कार्यवाही इसी सप्ताह पूरी कर ली जाए।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि मूंग भुगतान के अनुमानित 1790 करोड़ में से 1470 करोड़ रुपए का भुगतान सफलतापूर्वक किसानों को किया जा चुका है तथा 100 करोड़ रुपए का भुगतान बैंको को भेजा गया है। शेष भुगतान में से लगभग 200 करोड़ के ईपीओ बनकर तैयार हो चुके हैं एवं बाकी की भुगतान राशि भी स्वीकृति पत्रक तैयार होने के पश्चात किसानों के बैंक खातों में पहुंचाने की कार्यवाही कर दी जाएगी।
बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्री राजीव रंजन पांडे, संयुक्त कलेक्टर श्री विजय राय, जिला विपण्णन अधिकारी श्री देवेंद्र यादव, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही सभी एसडीएम एवं तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में ऑनलाइन जुड़े।



