नागदा पुलिस ने कार से मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पर घेराबंदी की। जिस पर बदमाश गांव कार को छोड़ भाग निकले। जब कार की तलाशी ली गई तो उसमें कुछ नंबरप्लेट मिलीं। खास बात यह थी कि कार के पीछे सीट वाली जगह को पूरी तरह खाली रखा हुआ था। इससे संभावना जताई जा रही है कि कार के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी हो रही थी। इस कार ने कुछ दिनों पहले धार जिले में एक दुर्घटना को भी अंजाम दिया। जिस पर बिरलाग्राम पुलिस ने धार पुलिस को सूचना दी है। वहीं कार पर भिंड के एक वेयर हाउस संचालक की कार का नंबर और फास्टैग लगाया गया था, जबकि उक्त कार भिंड में ही मौजूद थी। फिलहाल बरामद कार थाना परिसर में खड़ी है।भिंड जिले के वेयर हाउस संचालक हनुमंत सिंह को धार जिले की पुलिस ने उनकी कार से एक्सिडेंट करने की सूचना और तस्वीरें भेजी। जब वेयर हाउस संचालक ने बताया कि उनकी कार कई माह से गैराज में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में खड़ी है, बावजूद धार पुलिस ने उन्हें थाने आने की बात कहीं। जिस पर वेयर हाउस संचालक ने वस्तुस्थिति से भिंड एसपी असित यादव को जानकारी देकर सहायता मांगी। इस पर भिंड साइबर सक्रिय हुई और पता चला कि वेयर हाउस संचालक के कार के फास्टैग की क्लोन का उपयोग महाराष्ट्र में हो रहा है। जो इंदौर टोल से भी क्रॉस हुई है। भिंड पुलिस की सूचना पर इंदौर, धार, रतलाम, मंदसौर और उज्जैन की पुलिस अलर्ट हुई। नाकेबंदी के बीच कार बिरलाग्राम थाना क्षेत्र में पुलिस की बदमाश भाग निकले। पुलिस ने जब टाटा हैरियर लग्जरी कार की तलाशी ली तो अंदर की पिछली सीटें निकली हुई थीं। कुछ फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद हुईं। पुलिस को शक है कि यह कार भी चोरी की थी, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। बिरलाग्राम पुलिस ने कार जब्त कर धार पुलिस को सूचना दी है। बताया जा रहा है कि फर्जी फास्टैग और बैंक खाते की जांच में पुलिस को राजस्थान के तस्कर गिरोह का सुराग मिला है। भिंड पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। यानि मादक पदार्थों की तस्करी के लिए गिरोह के सदस्य फर्जी कार नंबर और फास्टैग का उपयोग कई-कई जिलों और राज्यों में अपना कारोबार कर रहे है।