धार्मिक शास्त्रों में मोदक को ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है। मोदक का आकार गोल होता है, जोकि पूर्णता और सुख-समृद्धि को दर्शाता है। मान्यता है कि मोदक खाने से मन और शरीर को ऊर्जा मिलती है। यह शुद्ध दूध तैयार किया जाता है।

मोदक भगवान गणेश को अतिप्रिय हैं। साथ ही लोगों को भी इसका प्रसाद अच्छा लगता है। इसको बनाने के लिए किसी भी चीज का अधिक इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसको शुद्धता के साथ बनाया जाता है। इसलिए मोदक बप्पा को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है।

मोदक का मीठा स्वाद हमें यह संदेश देता है कि ज्ञान का फल हमेशा मधुर होता है।भगवान गणेश को 21 मोदक का भोग लगाने की परंपरा काफी लंबे समय से चलता आ रहा है। 21 संख्या ब्रह्मांड की 21 ऊर्जा शक्तियों का प्रतीक मानी जाती है। मोदक चावल के आटे, नारियल और गुड़ से बनाए जाते हैं। जोकि शररी को ऊर्जा प्रदान करते हैं।