रायसेन। जिला चिकित्सालय परिसर में बुधवार को सिविल सर्जन, डॉक्टर और रायसेन जिला विकास समिति के पदाधिकारियों की बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य था—अस्पताल परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और मरीजों के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाना।

सिविल सर्जन डॉ. यशपाल सिंह बाल्यान ने कहा कि सरकार ने अस्पताल को आधुनिक मशीनें, आवश्यक दवाएं, निशुल्क जांच, जननी सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं से लैस किया है। अब यह जिम्मेदारी हम सबकी है कि इन सुविधाओं का लाभ हर मरीज तक पहुंचे। इसके लिए जनभागीदारी सबसे अहम है।

डॉ. अनिल ओड़ ने भी इस पहल को सराहते हुए कहा कि पहली बार कोई सामाजिक संगठन अस्पताल में इस तरह सकारात्मक सहयोग के लिए आगे आया है, यह सराहनीय कदम है।

समिति संरक्षक दिनेश अग्रवाल ने कहा कि मरीजों को अधिकार चाहिए तो कर्तव्य भी निभाने होंगे। यदि परिजन परिसर को स्वच्छ रखेंगे तो अस्पताल सभी के लिए सुखद अनुभव बनेगा। समिति उपाध्यक्ष मनोज कुशवाह ने सुझाव दिया कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए ओपीडी में दो नए काउंटर शुरू किए जाएं और मरीज से मिलने वालों के लिए पास व्यवस्था लागू की जाए।

समिति सदस्य जावेद अहमद ने कहा कि स्वच्छता केवल अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि मरीज और परिजनों को भी इसमें सक्रिय योगदान देना चाहिए।


बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि समिति और अस्पताल प्रबंधन मिलकर स्वच्छता , वृक्षारोपण और रक्तदान अभियान चलाएंगे। इसके तहत अस्पताल की दीवारों पर प्रेरक स्लोगन लिखवाए जाएंगे और रक्तदाताओं की सूची तैयार कर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बैठक में समिति अध्यक्ष हरीश मिश्र, संरक्षक डॉ. ए. के. शर्मा, नीलेन्द्र मिश्र, संघर्ष शर्मा, हरित विश्वकर्मा, दीपक ठाकुर, डॉ. लक्ष्मीकांत गुर्जर (आरएमओ) और डॉ. आर. पी. तिवारी (जिला कार्यक्रम प्रबंधक-नेत्र विभाग) उपस्थित रहे।