मंदसौर l ललिता बाई के पिता रमेश पिता नानूराम ने बताया कि 9 सितंबर 2023 को उसने एक वीडियो में एक महिला को ट्रक से कुचलते हुए देखा। इसके बाद उसने पुलिस द्वारा कब्जे में लिए गए क्षतिग्रस्त शव की पहचान की। उसने बताया कि यह उसकी बेटी ललिता बाई का है। उसके हाथ पर नाम गुदा हुआ था और पैर में एक काला धागा भी बंधा था। रमेश द्वारा पहचान करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद उन्होंने उसका अंतिम संस्कार किया और थांदला पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर भानपुरा निवासी इमरान, शाहरुख, सोनू और एजाज को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया, 18 महीने पहले मर चुकी महिला ललिता बाई अब वापस लौट आई है। हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी किया था और उसकी मौत के आरोपी थांदला की जेल में सजा भी काट रहे हैं। ललिता बाई अपने घर वापस आ गई। बेटी को जिंदा देखकर परिवार और गांव वाले दंग रह गए। कुछ देर तक उन्हें उसके जिंदा होने पर भरोसा ही नहीं हुआ। इसके बाद पिता रमेश बेटी ललिता को लेकर तुरंत गांधी सागर थाना लेकर पहुंचे l वह भानपुरा निवासी शाहरुख नाम के व्यक्ति के साथ भानपुरा गई थी। वहां दो दिन रहने के बाद उसने उसे कोटा में रहने वाले शाहरुख को करीब पांच लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद से वह शाहरुख के साथ कोटा में ही रह रही थी। ललिता ने बताया कि जैसे ही उसे मौका मिला, वह वहां से भाग निकली। बाद में जैसे-तैसे अपने घर आई और पिता को आपबीती बताई l महिला द्वारा बताई गई कहानी पर भी फिलहाल पुलिस को भरोसा नहीं हो रहा है जब तक की पूरी विवेचना ना हो जाए तब तक इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता l यदि ललिता बाई  जिंदा है तो फिर वह महिला कौन थी जिसके हाथ में इसका नाम लिखा था और उसकी पहचान इससे मिलती-जुलती थी..?  मामला बड़ा पैंचीदा है पुलिस जांच में जुटी है l