कटनी – पशुपालकों और आम नागरिकों के लिए स्व-रोज़गार का बड़ा अवसर उपलब्ध कराने एवं प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढाने के उद्देश्‍य से राज्‍य शासन द्वारा मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना क्रियान्वित की जा रही है। सब्सिडी पर मुर्रा नस्ल की भैंस मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को भारत में सर्वाधिक दूध उत्पादन वाली मुर्रा नस्ल की दो भैंसें प्रदान की जाती हैं, जो पशुपालकों में अत्यधिक लोकप्रिय नस्ल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दो मुर्रा भैंसों से रोज़ाना 18 से 20 लीटर तक दूध मिल सकता है, जिससे प्रतिदिन अच्छी आय हो सकती है। खास बात यह है कि राज्‍य शासन इन भैंसों की कुल लागत का सामान्य वर्ग के पशुपालक के लिए 50 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पशुपालकों के लिए 75 प्रतिशत हिस्सा स्वयं वहन करती है। इससे आम नागरिकों को बहुत कम लागत में डेयरी व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलता है। उपसंचालक पशु पालन एवं डेयरी डॉ आर के सोनी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सामान्य वर्ग से है, तो उसे पूर्ण रूप से भरे आवेदन के साथ 1 लाख 47 हजार 500 रूपये एवं अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 73 हजार 700 रूपये बैंक ड्राफ्ट के द्वारा जमा करने होंगे। शेष राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। हितग्राही ले सकेंगे पसंद की भैंसआवेदन स्वीकृत होने के उपरान्त पशुपालक विभागीय प्रतिनिधि के साथ स्वयं हरियाणा पंजाब या उत्तर प्रदेश जाकर अपनी पसंद की भैंस का चयन कर क्रय करेंगे। भ्रमण हेतु योजना में राशि का प्रावधान है। बिना किसान हुए भी उठा सकते हैं योजना का लाभइस योजना की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसका लाभ केवल किसान ही नहीं, बल्कि कोई भी आम नागरिक जो की मध्‍यप्रदेश का नागरिक हो, 21 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग का हो योजना का लाभ उठा सकता है। आवेदन के लिए व्यक्ति को अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय जाना होगा, जहां योजना से संबंधित फॉर्म भर सकते हैं।