किसान राधेश्याम के चेहरे पर राहत की मुस्कान आ गई।
मंदसौर ज़िले के छोटे से गाँव अरनिया देव में रहने वाले किसान श्री राधेश्याम पाटीदार इस साल बड़ी उम्मीदों के साथ अपनी सोयाबीन की फसल बोए थे। हर रोज़ वे खेत में जाकर पौधों की बढ़त देखते, मेहनत करते, और अच्छे उत्पादन के सपने देखते थे। लेकिन मौसम ने करवट ली और अचानक पीला मोजक रोग ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। देखते ही देखते हरी-भरी फसल पीली पड़ने लगी, पत्तियाँ सिकुड़ने लगीं, और पूरा खेत जैसे सूखने लगा। राधेश्याम के लिए यह बहुत बड़ा झटका था। महीनों की मेहनत और पूंजी एक झटके में खत्म होती दिख रही थी। पर इस बार हालात कुछ अलग थे। सरकार ने किसानों की इस परेशानी को समझा और पहली बार पीला मोजक रोग से प्रभावित सोयाबीन फसल पर मुआवजा राशि देने का निर्णय लिया। राधेश्याम पाटीदार को 5000 का मुआवजा मिला, और उनके पिताजी को 21000 की राहत राशि दी गई। जब उन्हें यह खबर मिली, तो उनके चेहरे पर राहत की मुस्कान आ गई।



