जन्नत में बेटी के लिए पहुंचा माँ का हाथ,||
एक माँ के असहनीय दुःख की गहराइयों से वह 
न्याय की ज्वाला बनकर उठी,||
आज अभय की माँ ने सिर्फ चुनाव नहीं जीता बल्कि 
बंगाल की हर बेटी के लिए एक वादा जीता है,||
अब और खामोशी नहीं। अब और डर नहीं।

9 अगस्‍त 2024 की वो काली रात,||
शायद ही उसे कोई भूल पाया,||
2 साल से जो गम और गुस्‍सा लोगों के मन में था, 
वो वोट के जर‍िए सामने आया है,||
पन‍िहाटी टीएमसी का क‍िला माना जाता था,||
आज वो ढह गया,||
हालांक‍ि इसकी नींव तो दो साल पहले उसी द‍िन 
पड़ गई थी, जब एक मां ने अपनी बेटी को खोया था,||
आज उस मां ने इत‍िहास रच दिया,||

न्याय देर से मिला… लेकिन मिला जरूर,||
एक मां की लड़ाई आज जीत में बदली है,||
RG कर मेडिकल की पीड़िता की मां
रत्ना देबनाथ की जीत सिर्फ चुनाव नहीं,
बल्कि न्याय और संघर्ष की जीत है,||

पन‍िहाटी व‍िधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस को 
15 साल के बाद हार म‍िली है,||
टीएमसी के अभेद्य क‍िले में सेंधमारी करने वालीं 
रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी 
को इंसाफ द‍िलाने के ल‍िए स‍ियासी समर में उतरने 
वाली एक मां हैं,||
रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के व‍िधायक अमृत घोष 
के बेटे तीर्थंकर घोष को 28,836 वोटों से करारी
श‍िकस्‍त दी है,||

माँ बंगाल आपके हौसले को प्रणाम करता है,||
बदलाव की सुबह वास्तव में आ चुकी है,||🌅 🌷        Vinay dubey की फेसबुक वाल से साभार