MP अजब है सबसे गजब है : मृत व्यक्तियों को जिंदा बताकर उनके नाम से पॉलिसी ली फिर उनकी मौत दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और बीमा राशि हासिल ...
भोपाल। बीमा धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। EOW ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ करीब 8 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में बीमा एजेंटों, पॉलिसीधारकों के नामांकित व्यक्तियों (नॉमिनी) और कुछ लोकसेवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।EOW में दर्ज शिकायत के अनुसार, कई लोगों ने सुनियोजित तरीके से बीमा कंपनी को चूना लगाने की साजिश रची। जांच में सामने आया कि गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों और पहले से मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी कराई गईं। बाद में उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज लगाकर बीमा क्लेम किया गया। शिकायत के सत्यापन के दौरान पता चला कि कई मामलों में मृत व्यक्तियों को जीवित बताकर उनके नाम से पॉलिसी ली गई। इसके बाद उनकी मौत दर्शाते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार किए गए और बीमा राशि हासिल करने की कोशिश की गई। ईओडब्ल्यू जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कुछ पंचायत कर्मियों और लोकसेवकों की भूमिका भी संदिग्ध रही। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों को वैध दिखाने में मदद की। इनमें कुछ सरपंच, सचिव और सहायक सचिवों के नाम भी सामने आए हैं, 19 मामलों में गंभीर बीमारी की जानकारी छिपाकर पॉलिसी ली गई, जबकि 8 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा करवाकर क्लेम की कोशिश की गई EOW ने इस मामले में कई बीमा एजेंटों, नॉमिनी और संबंधित सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इस संगठित फर्जीवाड़े से बीमा कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है


