निमाड़ के किसानों के एफपीओ की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सराहना से प्रेरित होकर रसायन मुक्त खेती की ओर अग्रसर
इंदौर l निमाड़ की गहरी जमीन से फसलों को सींचने वाले किसान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सराहना के बाद अब रसायन मुक्त खेती की ओर अग्रसर होने लगें है। ये नाबार्ड द्वारा रचे गए किसान प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन से जुड़े 750 शेयर धारक और करीब 3000 हजार सक्रिय किसान है। इन्होंने मिलकर एक साझा निर्णय कर लिया है कि अब मिट्टी में किसी तरह का रासायनिक खाद का इस्तेमाल नही करेंगे साथ ही वर्षा के जल को जमीन में सहेजने में भी भूमिका निभाएंगे। ज्ञात हो कि 11 अक्टूबर को खरगोन का निमाडफ्रेश एफपीओ दिल्ली में पूसा कृषि विज्ञान परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुलाकात में पीएम श्री मोदी ने सराहना करने के साथ ही आज खेती करने के सलीके बारे में बताया था। उसके बाद एफपीओ के डायरेक्टर बालकृष्ण पाटीदार ने अपने एफपीओ के किसानों को इसके लिए प्रतिबद्ध किया। डायरेक्टर श्री पाटीदार ने बताया कि पीएम श्री मोदी से मिलने के बाद एफपीओ ने अपनी दिशा बदली है, अब नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ ही मिट्टी के स्वास्थ्य पर भी चिंतित होकर प्रतिबद्ध हुए है।
निमाडफ्रेश निमाड़ के मसाले बनाने की ओर बढ़ते कदम
इस एफपीओ ने वर्ष 2022-23 में पहली बार यूरोप में हरी मिर्च की खेंप भेजी थी। इसके बाद से मिर्च उत्पादक किसानों ने वैल्यू एडिशन करने का निर्णय लिया और अब मिर्च धनिया और हल्दी के प्रोडक्ट बनाकर 2023-24 में 73 लाख रुपये का टर्न ओवर प्राप्त किया। 2024-25 में अफपीसी ने काबुली चना ग्रेडिंग व क्लीनिंग यूनिट प्रारम्भ की। एफपीओ ने किसानों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाई और अब सीधी खरीद बिक्री की सुविधा उपलब्ध कराई। एफपीसी ने नाबार्ड और एसबीआई के सहयोग से 12 करोड़ रुपये का टर्न ओवर किया। एफपीओ ने निर्णय करने के बाद खरगोन कलेक्टर और कृषि विभाग से मिलकर इस नई रूपरेखा पर चर्चा कर मार्गदर्शन भी लिया।



