नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज मध्य प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की  आयु 60 साल से बढ़ाकर 61 साल कर दी। चीफ जस्टिस  बीआर गवई और जस्टिस प्रसन्नना बी. वराले और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने अंतरिम आदेश में तेलंगाना हाईकोर्ट के इसी तरह के फैसले का जिक्र किया। शीर्ष कोर्ट ने पूछा कि जब राज्य सरकार तैयार है, तो न्यायिक अधिकारियों को यह राहत क्यों नहीं दी जानी चाहिए?बेंच ने कहा, न्यायिक अधिकारी और राज्य सरकार के बाकी कर्मचारी, दोनों का वेतन एक ही सरकारी खजाने से दिया जाता है।