नीमच l प्रदेश के मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा प्रदेश के सोयाबीन उत्‍पादक किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। इसके तहत 17 अक्‍टूबर2025 तक किसानों के पंजीयन का कार्य किया गया और 24 अक्‍टूबर से कृषि उपज मण्‍डी समितियों में योजना के तहत सोयाबीन खरीदी का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में कृषि उपज मण्‍डी नीमचजावद एवं मनासा में सोयाबीन बिक्री के लिए आने वाले किसानों की सुविधा के लिए पेयजलछायाबैठने की समुचित व्‍यवस्‍थासुविधाजनक तोल काटा और नीलामी की व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की गई है। साथ ही मण्‍डी प्रांगण मं हेल्‍थ डेस्‍क भी स्‍थापित किए गये है। साथ ही प्रत्‍येक मण्‍डी में नोडल अधिकारी नियुक्‍त किए गये है। संबंधित एसडीएम भी समय-समय पर मण्‍डी का निरीक्षण कर सुचारू खरीदी कार्य का जायजा ले रहे है।

    भावांतर भुगतान योजना के तहत जिले की मण्डियों में सोयाबीन खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। जिले में बारिश के बावजूद किसानों द्वारा अपनी सोयाबीन उपज मण्‍डी में लाकर विक्रय की जा रही है। नीमच मण्‍डी में अब तक कुल 37 किसानों ने भावांतर योजना के तहत 626.22 क्विंटल सोयाबीन विक्रय की है। मनासा मण्‍डी में अब तक कुल 44 किसानों ने भावांतर योजना के तहत 371.66 क्विंटल सोयाबीन विक्रय की है।

   मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहाहैकि किसानों का कल्‍याण प्रदेश सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता है। सोयाबीन उत्‍पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की गई है। किसानों को किसी भी हालत में घाटा नहीं होने देंगे। किसान मण्‍डी में सोयाबीन का विक्रय करेगा और अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता हैतो किसानों के घाटे की भरपाई भावांतर योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्‍य और न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य की राशि सीधे सरकार देगी।