नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि सोनम वांगचुक खुद को जनता के प्रतिनिधि के रूप में पेश कर रहे हैं, लेकिन वित्तीय कदाचार का उनका रिकॉर्ड कुछ और ही बताता है। उनके कार्यों से रचनात्मक संवाद पटरी से उतरने और वास्तविक चिंताओं को निजी और राजनीतिक लाभ के औजार में बदलने का खतरा है। अपने आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि 59 वर्षीय वांगचुक के नौ निजी बैंक खाते हैं, लेकिन उनमें से आठ की घोषणा नहीं की गई है। मंत्रालय ने कहा कि इन आठ खातों में से कई में भारी मात्रा में विदेशी धन जमा है। साथ ही, वांगचुक ने 2021 से 2024 के बीच अपने निजी खाते से लगभग 2.3 करोड़ रुपये विदेश भेजे।