नई दिल्ली l पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने हाल ही में एक बयान में खुलासा किया है कि 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद वह पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के पक्ष में थे, लेकिन अंततः उन्हें ऐसा करने से मना लिया गया।पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों में 170 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई थी और पूरा देश सदमे में था। चिदंबरम के इस खुलासे ने एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जिसमें आलोचक कांग्रेस नेतृत्व के पिछले फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। एक न्यूज चैनल के पॉडकास्ट पर बोलते हुए, चिदंबरम ने सरकार के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और कैसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव, खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका के दबाव ने भारत के रुख को आकार दिया, इसका ज़िक्र किया।चिदंबरम ने याद किया कि उन्होंने 30 नवंबर, 2008 को गृह मंत्री का कार्यभार संभाला था, हमलों के एक दिन बाद और शिवराज पाटिल के इस्तीफे के तुरंत बाद।