अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह से संबंधित अपराधों की जांच और विवेचना के लिए डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने किया एसआईटी का गठन
भोपाल l डीजीपी कैलाश मकवाणा ने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के थानों में पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरण (01) जिला अशोकनगर थाना कोतवाली का अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 308(1), 308(2), 351(2) बी.एन.एस., य(02) जिला इंदौर (देहात) थाना किशनगंज का अपराध क्रमांक 112/2026, धारा 308(5), 351(4) बी.एन.एस., (03) इंदौर (शहर) थाना तुकोगंज का अपराध क्रमांक 155/2026, धारा 308(5), 351 (4) बी.एन.एस., (04) जिला खरगोन थाना कसरावद का अपराध क्रमांक 94/2026, धारा 308(4), 351 (3) बी.एन.एस., (05) भोपाल (शहर) थाना कोलार रोड का अपराध क्रमांक 183/2026, धारा 351 (4) बी.एन.एस. एवं (06) इंदौर (शहर) थाना क्राइम ब्रांच का अपराध क्रमांक 22/2026, धारा 308 (5), 351 (4) बी.एन.एस. उक्त सभी अपराध अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह से सम्बंधित होने से उपरोक्त अपराधों एवं शिकायतों की विवेचना/जांच हेतु अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एस.टी.एफ.), म.प्र. के पर्यवेक्षण में एक विशेष अनुसंधान दल (Special Investigation Team) का निम्नानुसार गठन किया है l
(01) श्री राहुल कुमार लोढ़ा, भापुसे, पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक (रेल), भोपाल - (प्रभारी एस.आई.टी.),
(02) श्री राजेश सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक, एस.टी.एफ. भोपाल,
(03) श्री नवीन कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक, एस.टी.एफ. इंदौर,
(04) श्री वैभव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक, ए.टी.एस., मुख्यालय, भोपाल,
(05) श्री सुधीर कनोजिया, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (रेडियो) मुख्यालय, भोपाल,
(06) श्री सूर्यकांत अवस्थी, उप पुलिस अधीक्षक, एस.टी.एफ. मुख्यालय, भोपाल,
(07) श्रीमती दिव्या सिंह राजावत, उप पुलिस अधीक्षक, एस.टी.एफ.मुख्यालय, भोपाल,
(08) श्री महेन्द्र सिंह चौहान, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक, एस.टी.एफ. मुख्यालय, भोपाल
(09) श्रीमती योगिता साटनकर, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक, एस.टी.एफ. मुख्यालय, भोपाल ।
सामान्य निर्देश :-
(i) एस.आई.टी. तत्काल प्रभाव से उपरोक्त सभी अपराधों की केस डायरी जिलों से प्राप्त कर अग्रिम विवेचना प्रारंभ करेगी ।
(ii) एस.आई.टी. एस.टी.एफ. (मुख्यालय), भोपाल पर रहकर विवेचना संपादित करेगी।
(iii) अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एस.टी.एफ.) आवश्यकतानुसार म.प्र. पुलिस के अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को इस एस.आई.टी. में नामांकित कर सकेंगे।
(iv) उपरोक्त अपराधों के वर्तमान विवेचक भी एस.आई.टी. के नामांकित सदस्य रहेंगे।


