विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पुणे में कहा कि भगवान कृष्ण और हनुमान दुनिया के महानतम राजनयिक थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति और ग्रंथों को रणनीतिक सोच का आधार बताया। जयशंकर के अनुसार, आज की बहुध्रुवीय दुनिया में भारत अपनी जरूरतों और राष्ट्रहित के आधार पर गठबंधन करता है। उन्होंने युवाओं से दुनिया को एक 'ग्लोबल वर्कप्लेस' के तौर पर देखने का आह्वान किया।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय संस्कृति और ग्रंथों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा है कि रणनीति और कूटनीति के सबसे बड़े उदाहरण हमारे अपने इतिहास में मौजूद हैं। पुणे पुस्तक महोत्सव में उन्होंने भगवान कृष्ण और भगवान हनुमान को 'महान राजनयिक' बताया।