दिल्ली ज्ञान विज्ञान भवन में  President of India   श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के शुभ हस्तों द्वारा  सशक्त भारत हेतु कर्मयोग  विषय पर प्रशासक वर्ग के अखिल भारतीय अभियान के शुभारंभ  कार्यक्रम में डॉ अवधेश प्रताप सिंह, मा. अध्यक्ष(कार्यकारी) मप्र मानव अधिकार आयोग ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों एवं शासकीय सेवकों के लिए मिशन कर्मयोगी प्रारंभ किया गया है। इसी को प्रभावी बनाने हेतु आज माननीय राष्ट्रपति जी ने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के “सशक्त भारत हेतु कर्मयोग” अभियान का शुभारंभ किया गया।इस मिशन का मूल उद्देश्य देश के विकास एवं सशक्तिकरण में प्रशासक वर्ग का रचनात्मक योगदान सुनिश्चित करना है, लेकिन किसी देश या समाज की समग्र प्रगति नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना के समावेश से ही पूरी हो सकती है। वर्तमान प्रदूषित वातावरण में आंतरिक चेतना को दिव्य या अलौकिक स्रोत से संबंध जोड़कर ही हो सकता है जिसका माध्यम राजयोग मैडिटेशन है। 
  डॉ सिह जो स्वयं राजयोग मैडिटेशन करते हैं,ने व्यवहार में इसके उपयोग के उदाहरण देते हुए आगे कहा कि राजयोग के उपयोग से निजी व व्यवसायिक जीवन में संतुलन,तनाव प्रबंधन तथा क्षरण हो रहे भारतीय मूल्यों की पुनर्स्थापना के साथ प्रशासक देश को सशक्त एवं विकसित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रशासकों एवं नागरिकों के आंतरिक सशक्तिकरण के लिए यह देशव्यापी अभियान काफ़ी उपयोगी रहेगा।
इस अवसर पर ब्र.कु ईश्वरीय वि वि की प्रशासक वर्ग की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजयोगिनी बीके आशा दीदी,बीके हरीश भाई,विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी, माउंट आबू व विभिन्न प्रदेशों से आये राजयोगी पदाधिकारी,गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।