सतना l मध्यप्रदेश विधानसभा की कृषि विकास समिति के सभापति श्री दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार विभिन्न कृषि विकास तथा किसान कल्याण योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय निरंतर बढाने का प्रयास कर रही है। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा फसल विविधीकरण के नवाचार करते हुए किसानों की आय बढाने के प्रयास किये जाये। सभापति श्री परिहार शनिवार को चित्रकूट के ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सभागार में सतना जिले की कृषि विकास परियोजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। सतना जिले के दो दिवसीय भ्रमण पर पहुंची विधानसभा की कृषि विकास समिति में विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, भैरव सिंह बापू, नरेन्द्र प्रजापति सदस्य, स्थानीय विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, समिति के सचिव अरविन्द शर्मा, सूचना अधिकारी महावीर सिंह, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, सीईओ जिला पंचायत संजना जैन, डीएफओ मयंक चांदीवाल, सहायक कलेक्टर अनिकेत शांडिल्य, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम नागौद जीतेन्द्र वर्मा, संयुक्त संचालक कृषि जेएस नेताम, उप संचालक सतना आशीष पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि विकास समिति के सभापति श्री दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि देश की आजीविका का प्रमुख आधार खेती है। किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि के क्षेत्र में बिजली, पानी, खाद-बीज की सभी जरूरतें सरकार पूरी कर रही है। समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज भी खरीदने का काम सरकार कर रही है। विधानसभा की कृषि विकास समिति किसानों के हित सहित सर्वहारा वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लगातार फसलों के उत्पादन में कृषि कर्मण एवार्ड हासिल कर रहा है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढावा दिया जाये। सभापति ने कहा कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता का खाद-बीज और कीटनाशक मुहैया हो सके। इसके लिए खाद-बीज कीटनाशक की मिलावट अथवा कालाबाजारी की शिकायतों पर कडी कार्यवाही की जाये। उप संचालक कृषि आशीष पाण्डेय ने बताया कि सतना जिले में खरीफ में 2 लाख 9 हजार और रबी में 2 लाख 62 हजार हेक्टेयर में फसल ली जाती है। धान और गेहूं जिले की मुख्य फसलें है। जिले में नवाचारों के तहत कृषि विभाग के तकनीक हस्तांतरण से वर्ष 2024 में धान का औसत उत्पादन 43.65 कि्ंवटल प्रति हेक्टेयर रहा जो म.प्र. राज्य के औसत 35.15 कि्ंवटल और राष्ट्रीय औसत 27.80 कि्ंवटल प्रति हेक्टेयर से कही अधिक रहा है। सतना जिले के किसान बाबूलाल दाहिया को जैव विविधता पुरूस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। इनके निज प्रयासों से लगभग 250 किस्में धान और गेहूं की संरक्षित संर्वधित की जा रही है। सतना जिले में नरवाई प्रबंधन के लिए हैपीसीडर और सुपर सीडर कृषि यंत्रों को किसानों के बीच वितरण का अच्छा काम हुआ है। जिले में रबी और खरीफ मिलाकर 1 लाख 30 हजार 863 किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिया गया है।