मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनी रहे ऐसे प्रयास करें

झाबुआ l मिट्टी एक अमूल्य प्राकृतिक संसाधन है। अच्छी मिट्टी की सेहत से मानव स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। मिट्टी की सेहत में गिरावट आना एक गंभीर चिन्ता का विषय है। देश के नागरिक होने के नाते मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिये हर सम्भव प्रयास करे, ताकि मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनी रहे व हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। कलेक्टर नेहा मीना द्वारा भी समय-समय पर मिट्टी नमूने संकलित करने व मृदा नमूना विश्लेषित कर स्वास्थ्य कार्ड में दर्शित अनुशंसा के आधार पर कृषकों को उचित उर्वरको का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया जाता रहा है।
विश्व मृदा दिवस के इस आयोजित अवसर पर जिले के उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री एन. एस. रावत द्वारा कृषको को विस्तृत जानकारी देते हुए मृदा को स्वस्थ्य रखने हेतु मृदा परीक्षण आवश्य करवायें, ताकि खेती किसानी की लागत में कमी ला सके ओर खेती लाभ का धंधा बन सके। इसी कड़ी में उप संचालक कृषि द्वारा जिले के कृषको को मिट्टी को स्वास्थ्य रखने हेतु प्रतिज्ञा भी दिलवाई गई तथा रामा विकासखण्ड के ग्राम दुधीखेड़ा के कृषक श्रीमति वसनी-नाकु एवं नाकु-झमला को प्रतीक स्वरुप मृदा स्वास्थ्य कार्ड का भी वितरण किया गया। आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सहायक संचालक कृषि श्री एस. एस. मौर्य, श्री एच. एस. चौहान, श्री एस. एस. रावत एवं उप परियोजना संचालक आत्मा श्री एम. एस. धार्वे द्वारा भी कृषको को मृदा स्वास्थ्य के बारे में प्रकाश डालते हुये मिट्टी के दोहन को रोकना, पौंधो के स्वास्थ्य के बारे में जागरुकता लाना, रासायनिक उर्वरकों का कम से कम उपयोग करते हुये मिट्टी की उर्वरता बनाये रखनें एवं कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने इत्यादि सलाह कृषकों को दी गई।