ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थी देश-दुनिया में कर रहे हैं संस्थान का नाम रोशन: मंत्री श्री टेटवाल
भोपाल l हमारे प्रशिक्षु अब केवल चुनौतियों का सामना करने वाले युवा नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और नवाचार से परिपूर्ण नागरिक बन चुके हैं, जो राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं। संस्थान और राज्य सरकार मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'कुशल भारत-समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिये युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। यह बात कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने मंगलवार को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क के 2024 बैच के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के परिश्रम, क्षमता और उपलब्धियों का सम्मान है।
मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी के नेतृत्व में कौशल-आधारित विकास की जो सशक्त परिकल्पना सामने आई है, उसने युवाओं में आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की नई ऊर्जा जगाई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में कौशल विकास को नई पहचान मिली है और यह विश्वास मजबूत हुआ है कि सक्षम युवा ही प्रदेश को प्रगति के शिखर पर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सुविधाएँ और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध हों और ग्लोबल स्किल्स पार्क इसी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, इंडस्ट्री-लिंक्ड कोर्स, डिजिटल सुविधाएँ और प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता मिलकर विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता प्रदान करती हैं।
समारोह में मंत्री डॉ. टेटवाल ने संस्थान के प्रशिक्षार्थियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इंडस्ट्री 4.0, ऊर्जा प्रणालियाँ, प्रैक्टिकल इंजीनियरिंग और व्यवहारिक कौशल जैसे क्षेत्रों में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क के अनेक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अवसर प्राप्त हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, जो प्रदेश की आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। उन्होंने गीता के ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ का उल्लेख करते हुए युवाओं से कहा कि आज की दुनिया निरंतर बदल रही है और ऐसे समय में सतत सीखना उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि उनका कौशल तकनीक के साथ लगातार अपडेट होना चाहिए तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखना चाहिए।

मंत्री श्री टेटवाल ने प्रशिक्षकों, संकाय सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी टीम के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की उत्कृष्टता पूरे दल की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने संस्थान को सुझाव दिया कि उद्योग जगत की आवश्यकताओं और बदलती तकनीक के अनुरूप अल्पावधि के कोर्स भी नियमित रूप से संचालित किए जाएँ, जिससे विद्यार्थियों की अप-स्किलिंग सुचारु रूप से होती रहे। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थियों का देश और प्रदेश के साथ ही विश्व की प्रतिष्ठित कंपनियो में भी प्लेसमेंट हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहां से प्रशिक्षित 11 विद्यार्थी अबु धाबी में जॉब कर रहे है। यह एशिया का विश्वस्तरीय संस्थान है।
मंत्री डॉ. टेटवाल ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क परिवार से जुड़ने वाला हर युवा जीवनभर इस परिवार का अभिन्न सदस्य बना रहता है।


