नर्सिग घोटाले में अपने ऊपर लगे आरोपो के जवाब विधानसभा में मंत्री विश्वास सारंग ने दिये
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भोपाल l नर्सिंग घोटाले पर तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री और वर्तमान में खेल युवक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मेरा नाम सुबह से लिया जा रहा है। यह सब एक महीने से चल रहा है। अब तक मैंने कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि यह आरोप राजनैतिक है, लेकिन अब लग रहा है कि यह व्यक्तिगत हो रहा है। सारंग ने कहा कि मैं दोषी नहीं हूं। नर्सिंग काउंसिल स्वायत्त संस्था है। मंत्री के पास कोई फाइल नहीं आती है। कांग्रेस सरकार में रजिस्ट्रार सुनीता शीजू ने कॉलेजों को मान्यता दी। कांग्रेस सरकार की मंत्री ने 20 मार्च 2020 को 153 कॉलेजों को मान्यता दी, जिस दिन कमलनाथ का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा हो रहा था।
सारंग ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 354 नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी। सारंग ने कहा कि एनएम श्रीवास्तव के कॉलेज को 2018 में अनुमति दी। सारंग ने कहा कि मलय कॉलेज को अनुमति देने के आरोप लग रहे हैं, जबकि उसे कांग्रेस सरकार में अनुमति दी गई। सारंग ने कहा कि हमने 415 कॉलेज का सत्यापन कराया, जिसमें 150 कॉलेज हमने बंद किए। सारंग ने कहा कि 180 कॉलेजों का निरीक्षण कर उनकी मान्यता निरस्त करने का काम उनके कार्यकाल में हुआ है। उन्होंने कहा- किसी भी छात्र के हित पर कुठाराघात नहीं हुआ है, न होगा। सारंग ने कहा कि परमिशन संबंधी जो नियम 2018 में भाजपा सरकार ने बनाए थे, वे कांग्रेस सरकार में लागू नहीं किए गए। जिओ टैगिंग के माध्यम से नर्सिंग कॉलेजों के अलग-अलग भवन दिखाने की व्यवस्था को रोकने का काम तत्कालीन कांग्रेस सरकार में किया गया। कांग्रेस ने ही भवन की अनिवार्यता का नकारा। हमारी सरकार आने पर कॉलेज बिल्डिंग के लिए बैंक गारंटी 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख की गई। 2021-22 में 792 आवेदन मिले, इनमें से 221 को ही मान्यता दी गई। उस समय ऑफलाइन आवेदन किया जाता था। भाजपा सरकार ने इसे ऑनलाइन किया। स्क्रूटनी कमेटी में सीनियर प्रोफेसर को शामिल किया। ताकि गड़बड़ी रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि छात्रों के गड़बड़ी को लेकर दिए ज्ञापन पर मंत्री होने के नाते पुनर्विचार करने और एडवाइजरी की बात कही थी। कोई भी अनुमति आदेश मैंने नहीं दिया। ना ही ऐसी कोई फाइल मंत्री तक आती है। सभी निर्णय मेडिकल काउंसलिंग लेती है।