भोपाल । अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ मध्यप्रदेश पुलिस आमजन की मदद और सेवा के लिए निरंतर तत्पर है। शुजालपुर और सागर जिलों में पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से दो परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। ये घटनाएँ पुलिस के "देशभक्ति-जनसेवा" के ध्येय वाक्य को सजीव रूप में दर्शाती हैं।
शाजापुर पुलिस ने लौटाई मासूम की मुस्कान
जिले के शुजालपुर मंडी में कक्षा तीसरी की छात्रा चेरी नायक का स्कूल बैग और वर्षभर की मेहनत की कॉपियाँ एक ऑटो में छूट गई थीं। बच्ची की चिंता देखकर शुजालपुर मंडी पुलिस ने इस मामूली लगने वाली घटना को भी ‘मिशन मोड’ में ले लिया। एसडीओपी श्री निमिष देशमुख के निर्देशन में एक पुलिस टीम गठित की गई। सहायक उपनिरीक्षक धर्मेंद्र परस्ते और हेड कांस्टेबल सुनील गुर्जर ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ऑटो की पहचान कर चालक परवेज को खोज निकाला। पुलिस की समझाइश और बच्ची की भावना को देखकर चालक ने बैग लौटा दिया।
केवल 24 घंटे के भीतर जब पुलिस ने बैग चेरी को सुपुर्द किया तो उसकी खुशी देखते ही बनती थी — उसने हँसते हुए कहा, “थैंक यू पुलिस अंकल!”
*सागर पुलिस ने बचाया युवक का भविष्य*
दूसरी संवेदनशील पहल में, सागर पुलिस की डिजिटल सक्रियता से यूपी के युवक को उसका गुम हुआ दस्तावेजों से भरा बैग वापस मिला। युवक आर्मी भर्ती प्रक्रिया के लिए सागर आया था, लेकिन उसका बैग ऑटो में छूट गया। इस बीच पुलिस कंट्रोल रूम सागर के उप निरीक्षक श्री आर.के.एस. चौहान ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में ऑटो की तस्वीर और सूचना प्रसारित की। जिससे प्रेरित होकर संबंधित ऑटो चालक ने वह पुराना बैग पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने बांदा (उ.प्र.) पुलिस और ग्राम प्रधान श्रीमती गायत्री सिंह की मदद से युवक को ट्रेस किया और दस्तावेज लौटाए। अपने मूल दस्‍तावेज पाकर युवक की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि यात्रा या बाजार के दौरान अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। किसी भी आपात स्थिति या सहयोग की आवश्यकता होने पर नजदीकी पुलिस थाने और डायल-112 पर सूचना दे।