भिंड जिले में सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए रची गई कथित फर्जी वाडे की एक ऐसी कहानी सामने आई है, इसने पूरी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जी डीसीए प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने का प्रयास करने वाले छ: लोगों के खिलाफ आखिरकार 18 साल बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
ग्वालियर हाई कोर्ट के आदेश पर चली लंबी जांच में खुलासा हुआ कि जिन कंप्यूटर प्रमाण पत्रों के जरिये नौकरी हासिल करने का प्रयास किया गया बह कथित तौर पर जालसाजी से तैयार कराए गए थे। अब पुलिस इस खेल के पीछे बड़े फर्जी मार्कसीट गिरोह से तार जुड़े होने की आशंका जता रही है।
पूरा मामला वर्ष 2008 की पटवारी भर्ती परीक्षा से जुड़ा है भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों से कंप्यूटर संबंधी प्रमाण पत्र मांगे गए थे। भिंड जिले के रहने वाले पंकज , रंजीत , वंदना ,पूनम , अशोक  और अरुण  ने अपने दस्तावेज जमा किए लेकिन जांच में उनके पहले वाले दस्तावेज निरस्त कर दिए गए थे।