पत्रकारिता का द्वंद : सच ,राजनीति और समाज के बीच
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रायसेन जिले का रोज़नामचा
पशु चिकित्सालय में शुक्लपक्ष में काले कारनामे होते देखे... (हरीश मिश्र) - मंत्री , विधायक, नेता की अभिलाषा होती है कि पत्रकार वो दिखाएं जो उन्हें मनभावन लगे
...अधिकारी ख्वाहिश रखते हैं, हरी खबरें दिखाएं, काला चिठ्ठा ना खोलें ... और पाठक उम्मीद करते हैं , पत्रकार सच दिखाएं ! सच बोलें !! सच लिखें !!!
कोई भी खबर, समाचार, लेख किसी के लिए सच तो किसी के लिए झूठ होती है। सबका अपना अपना नज़रिया होता है। जिस खबर में तथ्य हों, पढ़ने में आनंद आए, सकारात्मक होती है। जो खबर शब्द भेदी बाणों से घायल करे नकारात्मक होती है ।हर खबर के दो पहलू होते हैं।
पिछले सप्ताह लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल को पत्रकारों से संवाद करते और मोदी सरकार की उपलब्धियों गिनाते देखा। मंत्री जी के चेहरे पर मुस्कान देखी और भ्रष्टाचार के प्रश्नों पर असहज होते देखा ।
भाजपा कार्यालय में केंद्रीय कृषि मंत्री एवं सांसद शिवराज सिंह चौहान का मुख्य बैनर से छायाचित्र नदारद देखा। चौहान के नगर आगमन पर अभिनंदन और पूर्व मंत्री, विधायक डॉ प्रभु राम चौधरी के जन्म दिन की तैयारियां करते कार्यकर्ताओं को देखा ।
सिलवानी के साईं खेड़ा की गौशाला का पशु आहार कांड का काला चिठ्ठा खुलते और सरपंच के खेत में जमीन के अंदर पशु आहार गड़ा देखा। एस डी एम को मौके पर जांच पड़ताल करते और सरपंच को सचिव पर, सचिव को सरपंच पर आरोप लगाते देखा। अनुविभागीय अधिकारी के जांच प्रतिवेदन आने से पहले पत्रकारों को एक दूसरे पर मानसिक असंतोष, गुबार निकालते देखा। खिरेंटी गांव में पशु आहार से भरी ट्रैक्टर ट्राली जब्त होते देखी। कुल मिलाकर पशु चिकित्सालय में शुक्लपक्ष में काले कारनामे होते देखे।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को एक्स एकाउंट पर अपनी पीड़ा लिखते देखा " शराब कम्पनी मुझ से बदला लेने के लिए , मुझ पर दबाव डालने के लिए कांग्रेस विधायकों से विधानसभा में मनगढ़ंत प्रश्न उठवा रही है।
विधि अनुसार कोई भी नागरिक,माननीय सांसदों, विधायकों के सदन में प्रश्न उठाने पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगा सकता। कानूनगो को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर माननीयों पर प्रश्न चिन्ह लगा कर, विधि विरुद्ध कृत्य करते देखा।
बारिश के दौरान सड़कों पर गौ माता के बैठने से होने वाले हादसे रुकवाने के लिए , गौ माता के संरक्षण के लिए, गौरक्षा जनजागृति समिति के सदस्यों को सड़क पर पत्रकार वार्ता करते ,चक्का जाम करते देखा। नगर पालिका द्वारा बृजमोहन रामकली गौ संरक्षण केंद्र हलाली में गाय छोड़ते और गौ शाला प्रबंधन द्वारा गाय गुम जाए तो गारंटी नहीं लिखते देखा। सवाल उन अधिकारियों से है कि लाखों रुपए का अनुदान लेने वाली गौ शालाएं सुरक्षा की गारंटी क्यों नहीं दे रहीं ?
कलेक्टर अरविंद दुबे को वृक्ष लगाते और पुलिस अधीक्षक विकास सहवाल के हाथों में दंड देखा। संदेश साफ, प्रशासन पर्यावरण बचाएगा और पुलिस शांति व्यवस्था कायम करेगी।
नगरपालिका और पंचायत स्तर पर मां के नाम पेड़ लगाते और परिषद और पंचायत में लाखों का बिल लगते देखा। मुख्यमंत्री मोहन यादव को पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ बेतवा के उद्गम स्थल पर लगाते और उस कार्यक्रम का 12 लाख का देयक पत्रक जिला पंचायत में लगते देखा।
छींद धाम वाले मार्ग पर पेड़ों की अवैध कटाई और चिड़िया टोल पर तेंदुआ देखा। सांचेत में वन भूमि पर अतिक्रमण होते और बेगमगंज में वन भूमि को भू माफिया से मुक्त होते देखा। महादेव पानी झरने के पास जाने पर प्रतिबंध लगते देखा।
बच्चों के हाथों में चप्पल, कांधे पर बस्ता और स्कूलों में शिक्षकों को नदारद और नियम विरुद्ध शिक्षकों को कार्यालय में अटैच देखा।
सांची में बंटी लोधी को उधारी मांगना और पुलिस की शरण में जाना महंगा पड़ते देखा। पुलिस कार्यप्रणाली से आहत बंटी को आत्महत्या करते देखा।सुल्तानगंज में अवैध मुरम खदान में बच्चे की मौत देखी।