औषधि पौधों की खेती विषय पर कृषकों को प्रशिक्षण दिया गया
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नर्मदापुरम l मध्य-प्रदेश शासन आयुष विभाग के निर्देशानुसार जिला आयुष अधिकारी डॉ.शैलेंद्र कुमार आर्य के मार्गदर्शन में कार्यालय संयुक्त संचालक उद्यान नर्मदापुरम के प्रशिक्षण हॉल में औषधि पौधे अश्वगंधा, तुलसी, शतावर की 2 दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 17 एवं 18 जनवरी को किया गया। जिसमे कृषि विज्ञान केंद्र पवारखेड़ा के साइंटिस्ट डॉ. विजय अग्रवाल, कृषि महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आशीष शर्मा एवं संयुक्त संचालक उद्यान श्रीमती रीता उइके द्वारा राष्ट्रीय औषधि पादप बोर्ड द्वारा स्वीकृत राज्य औषधि पादप बोर्ड द्वारा निर्देशित औषधि पौधे अश्वगंधा तुलसी एवं शतावरी की कृषि के विषय पर जिले के 35 से अधिक किसानों को विभिन्न औषधि पौधों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं पोस्ट मार्केटिंग होने वाली समस्याओं के निदान तथा दुनिया में आयुर्वेदिक औषधि के उपयोगिता आदि विषयों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.एस.आर. करोंजिया द्वारा अवगत कराया गया कि दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में आयुष विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा विभिन्न योजनाएं जैसे देवारण्य योजना के माध्यम से भी किसानों को अवगत कराया गया तथा दूसरे दिन कृषकों को ग्राम पतलई मे फील्ड भ्रमण कराकर खेती से हटकर औषधि पौधों की खेती कर शासन की योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यरूप से आयुष विभाग के डॉ. विमला गढ़वाल, डॉ. संदीप रघुवंशी डॉ. नीरज यादव डॉ. विजय उइके, श्री संतोष कुडापे,श्री अशोक मालवीय एवं श्री सुनील चौहान उपस्थित रहे।
इस दौरान ग्राम मिसरोद के उन्नतशील किसान प्रमोद दुबे एवं ग्राम पतलई के कृषक रमाकांत आदि ने अपने बहुमूल्य विचार रखे एवं कार्यक्रम में सम्मिलित होकर ज्ञान अर्जित कर औषधि पौधों के ऊपर कृषि करने के लिए अपनी सहमति प्रदान की।