हरदा / कृषि अधोसंरचना निधि की बैठक कलेक्टर श्री आदित्य सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। उन्होने उपसंचालक कृषि को कृषि अधोसंरचना निधि से किसानों को दी जाने वाली सहायता के प्रावधानों का व्यापक प्रचार प्रसार कराने के निर्देश दिये ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें। बैठक में कृषि व सहकारिता सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

किसानों को 3 प्रतिशत ब्याज छूट के साथ 2 करोड़ रूपये तक का ऋण मिलेगा

बैठक में उपसंचालक कृषि श्री संजय यादव ने बताया कि कृषि एवं इससे संबंधित क्षेत्र में आधुनिकरण को बढ़ावा देने, मूल्य संवर्धन एवं किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने, किसानों को व्यापार निवेश के लिये मध्यम-दीर्घकालिक ऋण की सुविधा दिलाने तथा कृषि अधोसंरचना में सुधार के लिए प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कृषि अधोसंरचना निधि योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत अधिकतम राशि रूपये 2 करोड़ तक ऋण दिया जाएगा, जिस पर 3 प्रतिशत ब्याज में छूट प्रदाय की जाती है। इस योजना के तहत उपलब्ध कराई गई राशि से किसान भाई कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, ट्रेडिंग प्लेटफार्म, परख लैब, बड़े तौल कांटे, छटांई और ग्रेडिंग इकाईयां, सुखाने का यार्ड व दाल, चावल, आटा मिल्स, फल पकाने वाले कक्ष, जैविक आदान, जैव उत्तेजक उत्पादक इकाई आदि का निर्माण कर सकते है। उन्होने बताया गया कि इस योजना का लाभ लेने के लिये किसानों को http://www.agrinfra.dac.gov.in पर पंजीकरण करना होगा। लाभार्थी किसान को डीपीआर तैयार करना होगी तथा डीपीआर के साथ आवेदन जमा करना होगा। पीएमयू भारत सरकार और बैंक द्वारा डीपीआर का सत्यापन किया जाएगा तथा उसके पश्चात ऋण राशि का वितरण किया जाएगा।