महाभारत के अनुसार सबसे पहले महर्षि निमि ने अत्रि मुनि के उपदेश से श्राद्ध किया और यह परंपरा धीरे-धीरे प्रचलित हुई। पितृ दोष होने पर व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसलिए पितृपक्ष में पितरों का स्मरण और पूजन करना आवश्यक है। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। पितृ पक्ष को श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है। पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पितर संबंधित कार्य करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।