सीहोर l किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जिले के सभी विकासखंडो के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि, जिन विक्रय केन्द्रों में उर्वरक की मात्रा में अंतर है। इन विक्रय केंद्रों में 01 अप्रैल 2024 से उर्वरक विक्रय नहीं किया गया है, उनका भौतिक सत्यापन कर अनियमितता पाये जाने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि, खुदरा स्तर पर भौतिक रूप से उपलब्ध मात्रा आईएफएमएस पोर्टल पर प्रदर्शित मात्रा के अनुसार हो। आईएफएमएस पोर्टल पर उपलब्ध स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक का मिलान नियमित रूप से करने तथा चालू खरीफ मौसम में विक्रय न करने वाली संस्थाओं एवं विक्रेताओं के कारणों की जांच कराते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

      किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के संचालक श्री केके पंडे ने बताया कि आईएफएमएस पोर्टल के अनुसार जिलो में उपलब्ध डीएपी, एनपीके एवं यूरिया की मात्रा की जानकारी के अनुसार पीओएस में उपलब्ध उर्वरक में से रिटेल स्तर पर विक्रय किये जाने के उपरांत पीओएस में स्टाक कम नहीं करने की संभावना बताई गई है। जिससे उर्वरक विक्रेताओं द्वारा पीओएस मशीन से उर्वरक विक्रय की फीडिंग नहीं किया जाना प्रतीत होता है। आईएफएमएस पोर्टल के अनुसार दिनांक 01 अप्रैल 2024 से 18 जुलाई 2024 तक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक में लगभग 42049 मेट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध प्रदर्शित हो रही है।